रायपुर । छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय मंच मिल रहा है और इसका ताजा उदाहरण है खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में मल्लखंब स्पर्धा में राज्य के 12 खिलाड़ियों का चयन। बिहार के ऐतिहासिक बोधगया में 4 से 15 मई तक आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित आयोजन में मल्लखंब की प्रतियोगिताएं 5 से 9 मई तक होंगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के ये प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
राज्य के जिन 12 खिलाड़ियों का चयन हुआ है, उनमें से 9 खिलाड़ी नारायणपुर जिले से हैं। ये सभी खिलाड़ी अबूझमाड़ मल्लखंब और स्पोर्ट्स अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। चयनित खिलाड़ियों में 5 बालक और 4 बालिकाएं शामिल हैं, जो प्रदेश की प्रतिभा और खेल संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर उजागर करेंगे।
नारायणपुर जिले से चयनित खिलाड़ियों में ग्राम ओरछा की सरिता पोयाम, ग्राम मातला की मोनिका पोटाई, ग्राम कुंदला की दुर्गेश्वरी कुमेटी, ग्राम न्यानार की अनिता गोटा, ग्राम कुतुल के राकेश कुमार वढ़दा, ग्राम आसनार के मानू ध्रुव और राजेश कोर्राम, ग्राम पोकानार के मंगडू पोडियाम तथा ग्राम चिंगनार के मोनू नेताम शामिल हैं। इनके साथ रायपुर से भी 3 खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लेंगे। कोच मनोज प्रसाद, महिला कोच पूनम प्रसाद और मैनेजर सौरव पाल की देखरेख में 2 मई को पूरी टीम बिहार के लिए रवाना हुई।
छत्तीसगढ़ सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पारंपरिक खेलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर देने के उद्देश्य से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। अबूझमाड़ मल्लखंब और स्पोर्ट्स अकादमी में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, पोषण, आवास और प्रतियोगिता की तैयारी की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मल्लखंब जैसे पारंपरिक खेल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ के ये युवा खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित करेंगे।


