रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग को टू लेन से फोरलेन में अपग्रेड करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने सड़क का एलाइनमेंट जिला प्रशासन को सौंप दिया है। इसके साथ ही पिछले दो महीनों से इस सड़क के करीब 35 गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर लगी रोक हटा दी गई है। अब सड़क के दोनों ओर 100 मीटर छोड़कर बाकी जमीन की खरीदी-बिक्री संभव होगी।
जमीन अधिग्रहण की कम आवश्यकता
एनएच की टीम ने तहसील कार्यालय से संबंधित जमीनों के दस्तावेजों का मिलान पूरा कर लिया है। अध्ययन में यह तथ्य सामने आया कि सड़क किनारे अधिकांश जमीन पहले से ही नेशनल हाइवे की है। इस कारण केवल करीब 10 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण करना पड़ेगा। इससे अधिग्रहण प्रक्रिया सरल और तेज होगी।
186 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण
कुल 186 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। डीपीआर फाइनल होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सड़क चौड़ीकरण का काम तीन चरणों में किया जाएगा—
- पहला चरण: रायपुर के धनेली शून्य प्वाइंट से 53.1 किलोमीटर तक।
- दूसरा चरण: 53.1 किलोमीटर से 85.6 किलोमीटर तक।
- तीसरा चरण: 85.6 किलोमीटर से सारंगढ़ तक, कुल लंबाई 186 किलोमीटर।
लोगों को मिलेगी राहत
वर्तमान में यह सड़क टू लेन होने से बड़े वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आती हैं और जाम की स्थिति भी बनती है। सड़क चौड़ीकरण और फोरलेन बनने से न केवल परिवहन सुगम होगा बल्कि यात्रियों को भी काफी राहत मिलेगी। व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक परिवहन में भी तेजी आने की संभावना है।
प्रशासन की पुष्टि
रायपुर एडीएम कीर्तिमान राठौर ने जानकारी दी कि अब जमीन खरीदी-बिक्री की अनुमति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले नेशनल हाइवे का एलाइन्मेंट तय होने तक जमीन पर रोक लगाई गई थी। अब सड़क के दोनों ओर 100 मीटर छोड़कर बाकी भूमि की स्वतंत्र खरीदी-बिक्री हो सकती है। इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है।
रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। वहीं जमीन खरीदी-बिक्री पर से रोक हटने से स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिली है।

