रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन दिवस (1 नवंबर) का आयोजन इस वर्ष पहले से अधिक भव्य और विस्तृत होगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस बार राज्योत्सव का आयोजन तीन की जगह पांच दिनों तक किया जाएगा। राज्योत्सव की शुरुआत 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुभ हाथों से होगी, जबकि 5 नवंबर को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समापन समारोह में शामिल होंगे। राज्योत्सव का आयोजन राजधानी रायपुर के नया रायपुर स्थित विज्ञान महाविद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर किया जाएगा।
सरकार ने इस वर्ष के राज्योत्सव को “विकास और स्वाभिमान” की थीम पर केंद्रित किया है। आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, हस्तशिल्प, वन उत्पाद, उद्योग और पर्यटन की झलक देखने को मिलेगी। प्रदेश भर से कलाकारों, शिल्पियों और स्वयं सहायता समूहों को आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक जिले को अपनी सांस्कृतिक और विकासात्मक उपलब्धियां प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का गौरव और बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस आयोजन को “जनभागीदारी का पर्व” बनाने की योजना बनाई है, जिसमें आम नागरिकों, विद्यार्थियों और किसानों की सक्रिय भागीदारी होगी।
राज्योत्सव के आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ ही देशभर से प्रसिद्ध सांस्कृतिक समूहों को भी आमंत्रण भेजा गया है।
इस मौके पर मीडिया से चर्चा में उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को अपराध का गढ़ बना दिया था। जांजगीर डकैती प्रकरण में एनएसयूआई नेता की संलिप्तता सामने आई है। रेत माफिया, शराब घोटाला और आगजनी मामलों में भी कांग्रेस नेताओं की भूमिका उजागर हुई है।” उन्होंने कहा कि विष्णुदेव सरकार में पारदर्शी प्रशासन व्यवस्था लागू की गई है और किसी अधिकारी या कर्मचारी पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जा रहा।
विजय शर्मा ने यह भी कहा कि “भूपेश बघेल सरकार के समय वर्किंग कल्चर पूरी तरह खत्म हो गया था। अब नई सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार कर छत्तीसगढ़ को विकास की नई दिशा दी है।”
राज्योत्सव के इस पांच दिवसीय आयोजन में कला, संस्कृति और प्रगति का संगम देखने को मिलेगा, जो प्रदेश के 25 वर्ष के गौरवशाली सफर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रतीक बनेगा।


