एनएसयूआई के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सहित सात के खिलाफ बलवा और मारपीट का मामला दर्ज।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल परिसर स्थित साइकिल स्टैंड में गाड़ी खड़ा करने को लेकर हुए विवाद के बाद साइकिल स्टैंड संचालक और उसके लोगों ने मिलकर एक डाक्टर की पिटाई कर दी। शुक्रवार रात करीब 10 बजे हुए मारपीट के इस मामले में कोतवाली पुलिस ने एनएसयूआई के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सहित सात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है।
इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। उक्त घटना के विरोध में शनिवार सुबह करीब आधा दर्जन चिकित्सकों, स्टाफ नर्स और वार्ड ब्याय ने दो घंटे तक काम बंद रखा। सिविल सर्जन की समझाइश और पुलिस द्वारा मामले के मुख्य आरोपितों को जल्द पकड़े जाने का आश्वासन के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग काम पर लौटे।
जिला अस्पताल दुर्ग में मेडिकल आफिसर के पद पर पदस्थ डा. जयंत चंद्राकर (28) ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि वह शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में पढ़ाई भी कर रहे हैं। डा.जयंत की शिशु वार्ड में 19 नवंबर को रात्रि नौ से सुबह नौ बजे तक इमरजेंसी ड्यूटी लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि वह घर से खाना खाने के बाद अपनी मोटर साइकिल से जिला अस्पताल पहुंचे और मातृ-शिशु भवन परिसर स्थित स्टाफ पार्किंग में रात्रि करीब 9.45 बजे गाड़ी खड़ा कर रहे थे।
इस दौरान साइकिल स्टैंड संचालक अमन दुबे अपने साथी सोनू साहू, राहूल यादव, जलालुउददीन उर्फ गटटू पठान, योगेश साहू उर्फ लक्की, ओम प्रकाश साहू उर्फ आकाश, रूस्तम नेताम सहित अन्य लोगों के साथ पहुंचे और यहां गाड़ी कैसे लगा रहे हो कहकर पूछने लगे। इस पर शिकायतकर्ता ने अपना परिचय बताया और कहा कि रात्रि में मेरी ड्यूटी लगी है। ड़ा. अमन के मुताबिक अमन और उसके साथियों ने गाली गलौज शुरू कर दिया।
इसके बाद साइकिल स्टैंड संचालक व उसके साथियों ने हाथ, मुक्का, ईंट-पत्थर से मारपीट की। इतना ही नहीं वे डा. अमन के बाल को पकड़कर अस्पताल के कंपाउंड से साइकिल स्टैड तक पिटाई करते हुए ले गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया है कि सोनू साहू ने जान से मारने की धमकी भी दी।
हमले में ड़ा. के सिर, पीठ, पैर, जांघ में चोटें आई हैं। मामले में कोतवली पुलिस ने अमन दुबे, सोनू साहू, राहुल यादल, जलालुद्दीन उर्फ गट्टू पठान, योगेश साहू, ओमप्रकाश साहू, रुस्तम नेताम सहित अन्य लोगों ने खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है। इसमें से एक आरोपित सोनू साहू एनएसयूआई दुर्ग का जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष हैं।
सीएस के फोन पर हरकत में आई पुलिस
घटना की जानकारी देर रात जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को दी गई। सिविल सर्जन ने दुर्ग सीएसपी को फोन पर घटनाक्रम से अवगत कराया और अस्पताल परिसर में पुलिस बल भेजने कहा। रात में ही कोतवाली थाना प्रभारी सहित थाने का स्टाफ जिला अस्पताल पहुंच गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मारपीट के मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। मामले के मुख्य आरोपित अमन दुबे की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।
विरोध कर रहे स्टाफ ने रोक दिया एम्बुलेंस
शुक्रवार देर रात हुई घटना के विरोध में शनिवार सुबह शिकायतकर्ता डा. जयंत चंद्राकर सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सक, स्टाफ नर्स शिशु-मातृ परिसर के सामने विरोध प्रदर्शन करने लगे। इन्होंने सुबह आठ से 10.30 बजे तक प्रदर्शन जारी रखा। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डा. पी बालकिशोर सहित अन्य सीनियर चिकित्सक मौके पर पहुंचे।
इस दौरान सिविल सर्जन ने पाया कि विरोध प्रदर्शन करने वालों ने एम्बुलेंस 108, 104 के सामने अपने वाहनों को खड़ा कर दिया है। इस पर सिविल सर्जन ने सभी प्रदर्शनकारियों को फटकार लगाई और कहा कि मामले मेंं पुलिस अपना काम कर रही है। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने अस्पताल के स्टाफ को आश्वस्त किया कि अन्य आरोपितों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
स्टैंड और केंटीन संचालक को नोटिस
जिला अस्पताल दुर्ग के सिविल सर्जन पी बालकिशोर ने कहा कि अस्पताल परिसर में शुक्रवार रात एक डा. के साथ हुई मारपीट मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है। साइकिल स्टैंड संचालक को नोटिस जारी कर उसकी कार्यशैली में सुधार लाने कहा गया है। वहीं, कैंटीन संचालक को नोटिस जारी कर कैंटीन बंद करने कहा गया है क्योंकि कैंटीन की वजह से अस्पताल परिसर में देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जो सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है।

