पहली बार सैनिक स्कूल में 6 वी कक्षा में बालिकाओं के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गई है।
रायपुर। अंबिकापुर स्थित सैनिक स्कूल अपने नाम और अनुशासन के लिए जाना जाता है। यहां पढ़ने वाला हर बच्चा अपने आप में बाकी बच्चों से अलग होता है। अब तक सैनिक स्कूल में केवल लड़कों को ही प्रवेश मिलता रहा, मगर अब पहली बार लड़कियों को भी सैनिक स्कूल में दाखिला मिल रहा है, इसे लेकर अंबिकापुर के सैनिक स्कूल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पहली बार सैनिक स्कूल में 6 वी कक्षा में बालिकाओं के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गई है जिसके तहत इस बार 100 सीटों नए शिक्षा सत्र में दाखिला दिया जाना है।
बालिकाओं के लिए 10 सीटें आरक्षित की गई हैं और यह सभी दाखिले छठवीं कक्षा में दिए जाएंगे। सैनिक स्कूल अंबिकापुर के प्रिंसिपल कर्नल जितेंद्र डोंगरा ने बताया कि दाखिले की प्रक्रिया को देखते हुए व्यवस्था की गई है जिसके तहत बालिकाओं उनके रहने की व्यवस्था अलग से की जा रही है। प्रिंसिपल ने बताया कि दाखिले की अंतिम तिथि 3 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। एडमीशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।अंबिकापुर सैनिक स्कूल भले ही आदिवासी क्षेत्र में संचालित हो रहा हो और इसे खुले ज्यादा समय नहीं गुजरा मगर यहां से निकलने वाले बच्चे एनडीए में ऑफिसर रैंक तक पहुंचे हैं।
यही कारण है कि एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत बालिकाओं के दाखिले के साथ ही उन्हें भी देश के सुरक्षा गतिविधियों में शामिल करने की पहल शुरू की गई है। बालिकाओं के दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने से अब सरगुजा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों की लड़कियों को भी सैनिक स्कूल में पढ़ने की इच्छा पूरी हो सकेगी इसे लेकर बच्चियों के पेरेंट्स में बेहतर रुझान भी दिख रहा है।
साभार: नई दुनिया

