कोविड संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव ने अफसरों की ली बैठक
रायगढ़. जिले में कोविड संक्रमण का खतरा बढ़ने के साथ ही मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है। इसे देखते हुए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव सीआर प्रसन्ना ने कलेक्ट्रोरेट में स्वास्थ्य और प्रशासनिक अफसरों की बैठक ली, जिसमें उन्होंने जिन ग्रामीण इलाकों में कोरोना पॉजिटिव मरीज ज्यादा मिले हैं, वहां टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के कोविड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था है। कोरोना से मौत रोकने के लिए स्पेशलाइज्ड डॉक्टर्स नहीं है। इस पर डॉ. प्रसन्ना ने बताया कि दो डॉक्टर्स पोस्टिंग कर दी गई है, वे जल्द ही ज्वाइंनिंग लेंगे। 2120 लोगों का सैंपल लेने के निर्देश हैं लेकिन अभी यहां टारगेट 27 सौ से ऊपर लोगों टेस्टिंग हो रही है। विशेष सचिव सैपलिंग को मेंटेंन रखने के लिए कहा है। उन्हांेने सर्वे के 24 घंटे के भीतर ही एंटीजन टेस्ट करने और 3 से 4 दिनों के भीतर में आरटीपीसीआर टेस्ट करने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ डॉ. एसएन केशरी ने बताया कि 100 नए बेड की व्यवस्था की जा रही है। बेड बढ़ने पर मेडिकल स्टॉफ की जरूरत पड़ेगी। कलेक्टर भीम सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में लोगों में लक्षण दिखने के बाद काफी देरी से सैंपल टेस्ट करा रहे है। इससे ग्रामीण इलाकों में केस बढ़े है। इसे रोकने के लिए वे बरमकेला, खरसिया और सारंगढ़ में सरपंचों से कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से बात करेंगे। गुरुवार को पार्षदों से मीटिंग की है। कलेक्टर ने बताया कि लोग मास्क नहीं पहन रहे है। इसकी वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ा है। मास्क की सख्ती बढ़ाई जाएगी, वही जुर्माना की भी राशि को बढ़ाया जाएगा।
गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम से की मुलाकात
स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों का भी दौरा किया। बरमकेला क्षेत्र के नदीगांव तथा बरपाली में स्वास्थ्य विभाग की टीम से मुलाकात कर उनके कार्यप्रणाली की जानकारी ली और उन्होंने ग्रामीण इलाकों में लोगों को कोरोना के प्रति जागरूकता व समय से टेस्टिंग उपचार पर विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके।
साभार: दैनिक भास्कर

