राज्य महिला आयोग में दंपती ने एक युवक को अपना बेटा बताते हुए की उसका डीएनए टेस्ट कराने की मांग
जशपुर. शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने जिले में 20 प्रकरणों की सुनवाई की। इन 20 मामलों में एक अनोखा मामला भी था, जिसमें एक ग्रामीण दंपती ने 20 साल के युवक को पुत्र बताते हुए उसका डीएनए टेस्ट करने की मांग की है। दंपती के अनुसार उनका बच्चा 20 साल पहले हॉलीक्रास अस्पताल से चोरीकर दूसरे दंपती को दिया था। अब युवक का कद काठी दावा करने के लिए काफी है कि युवक वर्तमान में जिस परिवार में रह रहा है, वह उसका असली परिवार नहीं है। झरगांव कस्तूरा ब्लाक दुलदुला निवासी चमरू राम बड़ाईक व उसकी पत्नी ने राज्य महिला आयोग के पास एक केस दर्ज कराया है। चमरू राम के अनुसार 20 साल पहले कुनकुरी के हॉलीक्रास अस्पताल में पत्नी की डिलीवरी हुई थी। उस समय नर्सों ने सूचना दी थी कि उसे लड़का हुआ है, पर कुछ देर बाद एक मृत बच्ची का शव सौंप दिया व कहा कि उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था, जिसकी मौत हो गई। हॉस्पिटल में बांसपतरा निवासी रोमानियुस इंदवार की पत्नी की भी डिलीवरी हुई थी। रोमानियुस इंदवार उस वक्त कुनकुरी हॉलीक्रास अस्पताल क वाहन का ड्राइवर था। चमरू राम के मुताबिक उसी दौरान शक हुआ था कि उसका बच्चा बदलकर रोमानियुस को सौंप दिया है। चमरू राम ने उस वक्त तो कुछ नहीं किया पर जैसे-जैसे घर में बच्चा बड़ा होता गया, उसका चेहरा रोमानियुस के परिवार से नहीं बल्कि चमरू राम के परिवार से मिलता देखा तो उसका शक यकीन में बदल गया।
अनोखा मामला इसलिए सुनवाई के लिए लिया
कलेक्टोरेट सभागार में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया कि आम तौर पर महिला आयोग में 1 साल से ज्यादा पुराने मामले की सुनवाई नहीं की जाती है, पर चूंकि यह अपने आप में अनोखा मामला था और युवक के माता-पिता होने का दावा कर रहे दंपती की बातों में चौंकाने वाले तथ्य थे, इसलिए इसको सुनवाई में शामिल कर लिया गया है।
एसडीओपी जांच कर छह महीने में सौंपेंगे रिपोर्ट
आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया कि जांच की जिम्मेदारी जशपुर एसडीओपी को दी है। एसडीओपी वर्तमान में बच्चा जिस परिवार में रहा रहा है, वहां उसके पिता और जो पिता होने का दावा कर रहा है उसका डीएनए टेस्ट कराएंगे। प्रक्रिया व रिपोर्ट आने में 5 महीने का वक्त लगता है। इसलिए प्रकरण की जांच के लिए 6 माह दिया गया है।
डॉ. पीसी कुजूर के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
यदि डीएनए टेस्ट में यह साबित हो जाता है कि रोमानियुस इंदवार के घर रह रहा 20 वर्षीय युवक उसका नहीं बल्कि चमरू राम का बेटा है तो मामले में हॉलीक्रास अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ पीसी कुजूर के खिलाफ बच्चा चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगा। 20 साल पहले डॉ पीसी कुजूर हॉलीक्रास अस्पताल के अधीक्षक के पद पर थे ।
प्रार्थी की और कोई संतान नहीं
आयोग के पास जिस दंपती ने बच्चा चोरी की शिकायत की है, उनकी दूसरी कोई संतान नहीं हैं। जबकि वर्तमान में युवक जिस रोमानियुस के परिवार में रहा रहा है, उस परिवार में रोमानियुस की पहली पत्नी मतलब युवक की मां की मौत हो चुकी है। पहली पत्नी से युवक के अलावा रोमानियुस की एक और संतान है। रोमानियुस ने दूसरी शादी भी कर ली है और दूसरी पत्नी से उसकी संतानें हैं।
साभार: दैनिक भास्कर

