बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने के नाम पर डॉक्टर से की थी ठगी
रायगढ़. बेटी के मेडिकल में दाखिला कराने के नाम पर डॉ बेदप्रकाश पटेल से हुई 26.68 लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर के घर चार लाख रुपए लेने पहुंचा था। वहां मौजूद पुलिस कर्मी ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। ठगों ने रांची के रिम्स (मेडिकल कॉलेज) में दाखिला कराने के लिए 30 लाख रुपए में सौदा किया था। डॉ. बेद प्रकाश पटेल से बेटी का एडमिशन स्पेशल कोटे से कराने के नाम पर आरोपियों ने रायगढ़ आकर ही 21 लाख रुपए नकद लिए थे। इसके अलावा खाते में रुपए जमा कराए थे। जब पीड़ित को उनकी असलियत का पता चला तो उसने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। आसानी से 26 लाख रुपए ठगने के बाद बदमाश बेफिक्र थे। बाकी चार लाख मांग रहे थे। इधर कोतवाली पुलिस भी ठगों को पकड़ने की तैयारी में थी। ठग ने आखिरी इंस्टालमेंट 4 लाख रुपए देने पर एडमिशन की गारंटी बताई। इस वेदप्रकाश पटेल ने उन्हें रुपए नकद देने की बात कही। ठग रुपए लेने के लिए तैयार हो गया। वह कोलकाता से फ्लाइट लेकर सीधे रायपुर के मार्ग से रायगढ़ आया। इधर कोतवाली पुलिस से टीआई एसएन सिंह, प्रधान आरक्षक एन के सारथी, श्याम लाल साहू और आरक्षक हेमंत पात्रे डॉक्टर के घर के बाहर अपनी फिल्डिंग जमाए हुए थे। जैसे ही आरोपी आया पहले उसे बिठाकर बातचीत। इसके बाद उसने पैसे हाथ में लिए और पुलिस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। पुलिस मामले में आरोपी के विरुद्ध 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
5 लोगों की टीम 6 सालों से कर रही देश भर में ठगी
ठग के अलावा 2 आरोपी दिल्ली, 1 रांची और 1 ओडिशा का है। पांचों आरोपी मिलकर बीते छह सालों से कई राज्यों में ठगी कर रहे थे। ठग के अनुसार पहली बार है जब किसी पुलिस ने उन्हें पकड़ा है। वरना छह सालों में किसी पुलिस ने उन्हें ट्रेस भी नहीं किया। आरोपी अपने कार्यों को बहुत साफ तरीके से करते थे, लेकिन यहां ज्यादा रुपए ठगने के चक्कर में फंस गए और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी धनबाद झारखंड का रहने वाला है
आरोपी रहने वाला झारखंड धनबाद का है। आरोपी ने लव मैरिज की है। शादी के बाद घर वालों ने उसे निकाल दिया। आरोपी अपनी पत्नी संग कोलकाता गया। वहां सराफा दुकान में काम करने लगा। उसकी पहली मुलाकात रांची के दूसरे ठग से हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपने पांच लोगों की टीम बनाई और ठगी शुरू की। ठगी इस तरह से शुरू हुई कि उन्हें दूसरा कोई काम ही नहीं सूझा। यही काम लगातार करते रहे।
दो दिन की रिमांड पर लेकर आए ठग को
आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया था। यहां से उसे दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। पुलिस की टीम अभी भी रांची और कुछ जगहों पर ठगों के बारे में पता करने में लगी हुई है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। आरोपियों से उनके ठगी के तरीकों के बारे में भी पूछा जा रहा है। पकड़ाए आरोपी ने मात्र 3 लाख रुपए लेने की बात कही। जबकि बड़ा अमाउंट दिल्ली और रांची में बैठे मास्टर माइंड द्वारा हजम लेने की बात बताई।
फर्जी नाम से ही फ्लाइट टिकट की बुकिंग
आरोपी ने डॉक्टर को अपना नाम निगम पंडा बताया था। निगम के नाम से ही आरोपी फ्लाइट में बुकिंग भी इसी नाम से की थी। जब पुलिस ने तलाशी की तो पता चला कि आरोपी ने सुयश चटर्जी, निगम पंडा और संजय शर्मा के नाम से तीन अलग-अलग आईडी रखी हुई थी। आरोपी का असली नाम सुयश चटर्जी है।

