धरमजयगढ़ में 31 का झुंड, धान की खुशबू से बस्ती में घुस सकते हैं हाथी
रायगढ़. सारंगढ़ के बड़ेसार में सोमवार को महासमुंद सीमा से देर रात 15 हाथियों का दल पहुंच गया है। ग्रामीण रतजगा कर निगरानी कर रहे हैं। वहीं वन विभाग के टीम को भी अलर्ट किया गया है। इससे पहले धरमजयगढ़ वनमंडल में डोंगाभौना और लामीखार में भी हाथियों का दल सोमवार की दोपहर पहुंचा था। फसल कटाई के बाद अब हाथियों के खेतों को छोड़ बस्ती में भी आने का खतरा है। जिले के धरमजयगढ़ और रायगढ़ दोनों वन मंडल में हाथियों का आतंक रहता है। सारंगढ़ में देर रात को 15 हाथियों का दल पहुंचा है। गांव वालों ने इसकी जानकारी वन विभाग के उड़नदस्ते को दी। हाथियों ने आसपास के गांव में फसलों का नुकसान पहुंचाया है। एसडीओ एआर बंजारे ने बताया कि हाथी महासमुंद से बलौदा बाजार की सीमा तक आते जाते हैं। इस बार हाथियों का दल सारंगढ़ इलाके में पहुंचा है। धरमजयगढ़ में डोंगाभौना और लामीखार में भी आठ हाथियों का दल घूम रहा है, इसमें आसपास गांवों में फसलों में नुकसान पहुंचाया है। लामीखार इलाके आसपास इलाके में 31 हाथी हैं। रेंजर चौहान ने बताया कि गांवों में प्रोजेक्टर के माध्यम से गांव वालों को हर शाम शॉट फिल्म दिखाई जा रही है। हर रोज दो-तीन गांवों में यह शॉर्ट फिल्म दिखाई जा रही है। इसके लिए एक गाड़ी तैयार की गई है, फिल्म में समझाया जाता है कि हाथियों का व्यवहार कैसा होता है और ग्रामीणों को कैसे सावधान रहना चाहिए। हाथियों से छेड़छाड़ ना करने की समझाइश दी जा रही है।
गांव के युवा ही हाथियों पर निगरानी रखेंगे
डीएफओ मनोज पांडेय ने बताया कि जिन इलाकों में हाथियों का दल पहुंच रहा है, वहां पर गांव के 10-10 युवाओं की टीम को अलर्ट रखने के लिए कहा गया है। इसमें कैंपा मद से 13 लाख रुपए मिले हैं। इन युवाओं को निगरानी के लिए पारिश्रमिक दिया जाएगा। अभी सारंगढ़ हाथियों गतिविधियों को देखते हुए गांव के युवाओं को तैनात किया गया है। वहीं धरमजयगढ़ इलाके में भी ग्रामीण रात और दिन अपनी फसल की रखवाली करने उपाय करते रहते हैं।
साभार: दैनिक भास्कर

