अब टेस्ट कराने कम आ रहे लोग जिसके कारण सूना फीवर क्लीनिक।
जांजगीर. 7 दिसंबर को 1 दिन में 9 मौतें, 81 पॉजिटिव मिले, 1436 कोरोना संक्रमित स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं, 78 गंभीर मरीजों का ईसीटीसी सेंटर में चल रहा इलाज
जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बीते महीने की तुलना में कम हुए हैं, लेकिन इससे होने वाली मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। बीते 54 दिनों में 125 की मौत हो चुकी है, जबकि कोरोना काल शुरू हाेने से लेकर सौ लोगों की मौत तक पहुंचने में 151 दिन लग गए थे। अप्रत्याशित रूप से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसका एक कारण जांच व इलाज में लापरवाही माना जा रहा है। ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में जा रहे हैं और जब स्थिति बिगड़ जाती है तो हॉस्पिटलाइज हो रहे है, इससे रिकवर करने में दिक्कतें हो रही है। इसे भी बढ़ती मौत का एक कारण माना जा रहा है। सोमवार को विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार 9 लोगों की मौत इलाज के दौरान कोरोना से हुई है, जबकि 81 नए कोरोना पॉजीटिव मरीज मिले है। स्वास्थ्य विभाग के ईसीटीसी प्रभारी इसके पीछे सर्दी में सामान्य फ्लू और कोरोना के लक्षण एक समान होने के कारण कंफ्यूजन की वजह से जांच देरी के चलते गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने की बात कह रहे हैं। जिले में कोरेाना का पहला मरीज 15 मई को मिला था, इसके बाद बीते 205 दिनों में 225 मौतें जिले में हो चुकी है। शुरूआती 151 दिनों में 13 अक्टूबर तक सौ मौतें हुई थी। इसके बाद 7 दिसंबर तक बीते 54 दिनों में 125 मौतें कोरोना की वजह से हुई है। अभी मेडिकेटेड कोविड अस्पताल ईसीटीसी सेंटर में 38 मरीज भर्ती है। इनमें से 25 से ज्यादा मरीज ऑक्सीजन पर है। इसी तरह डभरा कोविड सेंटर में 30, जेठा सक्ती सेंटर में 6, चार बलौदा सेंटर में कुल 78 मरीज भर्ती है। सामान्य मरीज अपने घर पर आइसोलेशन पर है, इसलिए 1040 बेड कोविड अस्पताल में अभी खाली है।
सबसे ज्यादा पॉजिटिव डभरा, बलौदा में संक्रमण ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग जांजगीर द्वारा जारी कोरोना बुलेटिन के अनुसार जिले में सोमवार तक 1436 कोरोना संक्रमित आइसोलेशन में है। इनमें सबसे ज्यादा मरीज डभरा 182 और बलौदा 178 एक्टिव मरीज है। जैजैपुर में 165 तो पामगढ़ 164 मरीज है। वहीं चांपा 110 तो जिला मुख्यालय में अबतक 80 कोरोना के एक्टिव मामले हैं।
हार्ट, डायबिटिज के मरीज न करें जांच से परहेज
स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ ठंड में सावधान रहने की सलाह मरीजों को दे रहे हैं। उनके अनुसार डायबिटिज, हार्ट के मरीज, कार्डियक, अस्थमा, लीवर, किडनी, कैंसर से संबंधित मरीजों की जांच लक्षण दिखाई देने पर जरूर कराएं। गर्भवती महिलाओं और 60 साल से अधिक के उम्र दराज लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इन्हें जांच से परहेज नहीं करना चाहिए।
डेटा मैनेजर डूप्लीकेसी को बता रहे कारण
डिस्ट्रिक डेटा मैनेजर नवमीश चौहान ने बताया मरीजों की संख्या व मौत के आंकड़ों में अंतर की समस्या अन्य जिलों के साथ भी है। लाइन लिस्ट में डूप्लीकेसी की वजह से जिला और राज्य की बुलेटिन में काफी अंतर है। इसे ठीक करने 10 दिन पहले स्वास्थ्य सचिव ने डीएसओ और ऑपरेटर की टीम को रायपुर बुलवाया था। टीम ने लाइन लिस्ट देखकर जिले का फाइनल डेटा दिया है।
ठंड में कंफ्यूजन इसलिए जांच से न करें परहेज: डॉ. मंगलम
“सेंटर में अब सीरियस मरीज ही भर्ती हो रहे हैं, औसतन 35 मरीजों में 25 ऑक्सीजन पर है। सर्दी में कोरोना को सामान्य फ्लू समझ कर लोग जांच से परहेज कर रहे हैं। इसकी वजह से गंभीर मामले ज्यादा आ रहे हैं। लोगों को सर्दी,खांसी,बुखार जैसे लक्षण दिखने पर भी अनिवार्य रूप से जांच कराना चाहिए।”
-डॉ आलोक मंगलम, ईसीटीसी प्रभारी जांजगीर
साभार: दैनिक भास्कर

