रायगढ़। जिले में हाथियों की धमक व चहलकदमी जंगल से सटे ग्रामीण अंचल में कुछ दिन पहले से ही आरंभ हो गई है। जिसमें मंगलवार रात धरमजयगढ़ के बोरो वन परिक्षेत्र में हाथियों ने एक घर की दीवार को ढहा दिया। दीवार के मलमे में दब कर नींद में गाफिल वृद्धा की मौत हो गई। घटना के बाद मामले की जानकारी मिलने पर वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और आगे की कार्यवाई में जूट गई है।
बोरो वन परिक्षेत्र के जमरगीडीह गांव के हुरकीडोली मोहल्ले में रहने वाली तेलकुंवर 60 वर्ष मंगलवार रात को नियमित कार्य को निपटा कर घर मे सो रही थी इसी बीच कुछ हाथी गांव आ गए और गांव में अपना आतंक फसल व घरो को नुकसान कर मचाने लगे। जिसमें ग्रामीण के मकान के दीवार को ढहा दिए वही इस दीवार के किनारे सोई तेलकुवंर के उपर मलबा गिर गया जिससे उसकी मौत मलबे में दबकर हो गई। घटना के बाद मामले की जानकारी वन अमला को लगी तो बोरों रेंज के वनकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई में जूट गए।
दहशत के साए में ग्रामीण जन
बोरों रेंज धुर हाथी प्रभावित क्षेत्र है। यहां पूर्व में भी हाथी हमले पर कई ग्रामीण अपनी जान गवा चुके हैं विगत 4 माह से इस वन परिक्षेत्र में हाथियों का हमला बंद हो गया था लेकिन एक बार फिर से हाथियों की धमक व गांव में आकर मकान को ढहाए जाने की घटना से लोगों में खौफ का माहौल है ग्रामीण जन भय के साए में जीने को मजबूर हो गए है।
सुरक्षित ठिकाने में ले रहे है पनाह
हाथी हमले के बाद वन विभाग लोगों को एतिहायात बरतने व सतर्क रहने का निर्देश दे रहा है। वन अमला व ग्रामीणजन को भी भली भांति ज्ञात है कि हाथियो की आमद व उग्रता पर उनका किसी तरह जोर नहीं है। वे चाहकर भी हाथियों का सामना नही कर सकते है। इस वजह से अब ग्रामीण जन रतजगा या फिर घर छोड़कर सुरक्षित स्थान में पनाह ले रहे है।
”इस हादसे को अंजाम एक ही हाथी ने दिया है इसकी पुष्टि पदचिन्ह व ग्रामीणों के बताए अनुसार हो रही है। जिसने दीवार को ढहा दिया था और मलबा वृद्धा के उपर गिरने से उसकी मौत हो गई। विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।”
हीरालाल सर्जाल, बोरो रेंज प्रभारी रेंजर

