संक्रमण से बचने के सभी उपाय किए जाएंगे, 1 बेंच पर बैठेगा 1 ही छात्र
रायगढ़. कोविड-19 महामारी के चलते साढ़े आठ महीनों से कॉलेजों में पढ़ाई बंद है। विश्वविद्यालय, डिग्री कॉलेज समेत तमाम उच्च शिक्षण संस्थान अब 15 दिसंबर के बाद कभी भी खुल सकते हैं। ऑफलाइन पढ़ाई प्रारंभ करने के लिए विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों से प्रस्ताव मंगाए गए थे। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रावास सीमित स्टूडेंट्स की उपस्थिति की शर्तों पर खुल सकते हैं।
इस तरह से खुल सकते हैं कॉलेज – कॉलेज खोलने के साथ ही कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपाय किए जाएंगे जैसे एक बेंच पर एक ही छात्र बैठेगा। कक्षा में 10 से 15 लोग रहेंगे साथ ही ग्रुप डिस्कशन या छात्र ग्रुप बनाकर अपने प्रोफेसरों से पढ़ाई करेंगे। लाइब्रेरी में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा, जिन लोगों को डाउट क्लियर करना है वह अपने प्रोफेसरों से मिलकर डाउट क्लियर कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी ने प्रस्ताव भेजा था जिसके हिसाब से प्रायोगिक परीक्षाएं वाली क्लास की पढ़ाई पहले चालू होगी। हालांकि कोरोना संक्रमण के बीच कॉलेज व विवि खोल तो दिया गए हैं और छात्रों को विभिन्न पाठयक्रमों में प्रवेश दिया जा रहा है। इतना ही नहीं वार्षिक व सेमेस्टर परीक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं लेकिन वहां कक्षाएं नहीं लग रही है। आगे सुरक्षा इंतजाम और शासन के कड़े मापदंडों के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी।
आदेश नहीं आया
“इस संबंध में सूचना नहीं आई है। पढ़ाने की तैयारी पूर्ण है। अगर कोई ऐसा आदेश या सूचना आती है तो तमाम सुरक्षा इंतजाम के साथ कॉलेज में पढ़ाई चालू कर दी जाएगी।”
-अंजनी कुमार तिवारी, प्रिंसिपल डिग्री कॉलेज
छात्रों से मांगा था सुझाव
“छात्रों से सुझाव मांगा गया था जिसमें 15 दिसंबर को कॉलेज खुलने का सुझाव देने वाले ज्यादा थे। अभी शासन से आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने पर सुरक्षा की तैयारी के साथ क्लास शुरू होंगी। दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा।”
-सुशील एक्का, प्राचार्य, कामर्स कॉलेज
क्या कहते हैं छात्र
“जहां संक्रमण है वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करके ही पढ़ाई चालू करना चाहिए। इससे पहले भी हमने मूल्यांकन की मांग रखी थी अगर पढ़ाई चालू होती है तो हम स्वागत करते हैं। क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई एक विकल्प है कोई समाधान नहीं है। शादी विवाह हो रहें है तो काॅलेज भी खुलना चाहिए।”
-शशांक पाण्डेय, एबीवीपी प्रांत सह मंत्री
“कॉलेजों को पूरा ना खोल कर सिर्फ डाउट क्लियर नोट्स और 10 से 15 के ग्रुप बनाकर पढ़ाई करना ठीक रहेगा। हम पढ़ाई का स्वागत करते हैं।”
-शाकिब अनवर, महासचिव एनएसयूआई
साभार: दैनिक भास्कर

