सड़क सुरक्षा समिति के सुझाव पर चौराहों पर यातायात सुधारने लगवाए कॉनवेक्स मिरर
रायगढ़. पौने दो लाख की आबादी वाले शहर की सड़कें संकरी हैं। कई तिराहे और चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था सही नहीं होने के कारण वाहनों जाम या हादसे होते हैं। शहर में दुर्घटना की आशंका वाले कुछ चौराहों पर सड़क सुरक्षा समिति के सुझाव पर कॉनवेक्स मिरर लगाए गए हैं। शहर के प्रमुख चौराहे गलत बनाए गए हैं, उन्हें सुधारने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के चौराहों की पड़ताल- रविवार को जब चौराहों पर यातायात सुरक्षा की पड़ताल की गई तो खामियां नजर आईं। प्रमुख चौराहों पर यातायात बिना पुलिस के दौड़ता दिखा । साथ ही चौराहों की बनावट में भी गड़बड़ी है । अधिकतर ट्रैफिक बूथ क्षतिग्रस्त है। शहर में इन प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक बूथ सही जगह पर लगाने होंगे और जहां नहीं है वहां लगाने होंगे। लगातार बढ़ती भीड़ और वाहनों के कारण शहर के ज्यादातर चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था गड़बड़ है। चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल नही हैं। हालांकि कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिससे सड़कों पर होने वाली झड़प कम हुई है। वहीं आरोपियों की धरपकड़ में भी इसका उपयोग होता है।
केवड़ा बाड़ी चौराहा: बिना मापदंड का चौक
केवड़ाबाड़ी चौक से बसें और शहर के अंदर आने वाले वाहन गुजरते हैं। यहां ट्रैफिक लाइट नहीं है। चौक पर एक सिपाही कोने में खड़ा होता है। कार्मेल स्कूल से रामलीला मैदान जाने वाले वाहन चालक चौराहे पर नही घूमते हैं क्योंकि चौक सही जगह नहीं लगा है। इससे गोशाला की तरफ से आने वाली गाड़ियों से दुर्घटना की आशंका होती है। केवड़ा बाड़ी की ओर ढलान है, उधर से आने वाले भी चौक के चक्कर लगाए सीधे निकलते हैं।
हंडी चौक : सबसे खतरनाक चौराहा
पांच रास्तों को मिलाने वाले हंडी चौक, संकरी होने के कारण सबसे मुश्किल चौराहा है। यहां यातायात विभाग का सिपाही हमेशा तैनात होता है लेकिन वाहनों को नियंत्रित कर पाना मुश्किल है। यहां हर दिशा से आने वाले दो औ चार पहिया वाहनों की भीड़ लगती है। हंडी चौक पर सामने छोड़ दूसरे रास्तों से आते वाहनों पर नजर रखना भी मुश्किल है। यहां कई बड़े हादसे भी हो चुके हैं।
शहीद चौक: न ट्रैफिक सिग्नल और न कोई व्यवस्था
शहीद चौक पर चक्रधरनगर, समलाई मंदिर, शनि मंदिर और गोपी टॉकीज की तरफ से आने वाले रास्ते खुलते हैं। यहां भी ना तो ट्रैफिक सिग्नल है और ना ही यातायात नियंत्रित करने की व्यवस्था। गोपी टॉकीज की ओर से आने वाले वाहनों की रफ्तार ज्यादा होती है इससे दुर्घटना की आशंका बनी होती है। यहां सुबह और शाम के वक्त वाहनों के गलत दिशा में घुसने से जाम भी लगता है।
इन जगह लगाए गए मिरर
गर्ल्स कॉलेज तिराहा, भक्ति गली, केवड़ाबाड़ी चौक, चांदनी चौक, नगर निगम ओवरब्रिज के पास, एसईसीएल रोड, कोष्टापारा इलाकों में कॉनवेक्स मिरर लगाए गए हैं। संकरी सड़कें और चौराहों के कारण उससे ज्यादा लाभ नहीं होगा। सीमित संसाधन और जवानों के बूते यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। मगर संसाधनों के साथ साथ कुछ चौराहों के निर्माण मे भी त्रुटियां हैं। जानकारों के मुताबिक गलत बने चौक में बदलाव करना भी जरूरी है।
सिग्नल लगाने की योजना
“शहर में छातामुड़ा चौक और कांशीराम चौक में नया सिग्नल लगाए जाने की योजना है। साथ ही ढिमरापुर के खराब पड़े सिग्नल को बनवाया जाएगा। शहर के सभी ट्रैफिक बूथ को सही किया जाएगा। कल सड़क सुरक्षा समिति की बैठक है जिसमें शहर के चौराहों और यातायात के विषय में जो भी निर्णय होगा उसके हिसाब से आगे काम किया जाएगा।”
-पुष्पेन्द्र बघेल, डीएसपी ट्रैफिक
साभार: दैनिक भास्कर

