एट्रोसिटी एक्ट के तहत विशेष कोर्ट ने सुनाई सजा, एक साल में आया फैसला
रायगढ़. आरक्षित वर्ग की महिला से दुष्कर्म करने के मामले में अजा, अजजा की विशेष न्यायालय ने आरोपी युवक को 10 साल जेल और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला 2019 का है। महिला एमएसपी प्लांट में काम करने के बाद छुट्टी लेकर लौट रही थी। इसी दौरान सरईपाली के पास जंगल में आरोपी ने उससे दुष्कर्म किया। 11 जुलाई 19 को चक्रधर नगर थाना क्षेत्र की गांव की महिला अपनी पुत्री के साथ काम करने के लिए एमएसपी पॉवर प्लांट गई थी। उसी दिन उसे गांव में पटवारी के आने पर पट्टे के लिए फार्म भरना था, महिला बेटी के साथ प्लांट से छुट्टी लेकर पटवारी के पास आ रही थी। रास्ते में वह सरईपाली के तालाब के पास पहुंची थी कि बगल से गोविंद यादव एवं एक अन्य युवक बाइक से उनके बगल से गुजरे। उनकी नजर महिला और उसकी बेटी पर पड़ी तो उनकी नीयत खराब हो गई। आरोपी कुछ दूर जाकर रूक गए और उनके करीब आने पर झंगलू ने महिला को पकड़कर जंगल के अंदर ले गया और उससे दुष्कर्म किया। इस दौरान महिला की पुत्री डर कर वहां से भाग गई। आरोपी का साथी गोविंद वही खड़ा रहा। महिला ने परिजन को इसकी सूचना दी तो वे चक्रधर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया। दो महीने के बाद पुलिस ने 13 सितंबर को मनुवापाली आशीष उर्फ झंगलू कोलता को गिरफ्तारकर कोर्ट में पेश किया। गुरुवार को मामला सही पाए जाने पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विशेष न्यायालय में जज गिरिजा देवी मेरावी ने आरोपी युवक को 10 साल की जेल और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
साभार: दैनिक भास्कर

