रायगढ़ 5 नवंबर। ख्यातिलब्ध पर्यावरण प्रेमी एवं समाजसेवी स्व.रामदास अग्रवाल के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण समिति की रायगढ़ जिला शाखा ने उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। समिति की अध्यक्ष श्रीमती आशा त्रिपाठी ने स्व.रामदास के निधन को समूचे छत्तीसगढ़ के लिये खासतौर पर पर्यावरण संरक्षण और समाज के वंचित लोगों की सेवा करने के लिहाज से अपूरणीय क्षति निरूपित किया है।
उन्होंने नगर में विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में उनके साथ साझा किये गये मंचों से जुड़े अपने संस्मरण का जिक्र करते हुए कहा कि स्व. रामदास अग्रवाल निस्वार्थ समाजसेवी तो थे ही वे अपनी आत्मा से ही पर्यावरण प्रेमी थेे। एक ऐसे ही कार्यक्रम बीरसामुण्डा जयंती के मंच से उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रकृति-पर्यावरण और संस्कृति के प्रति पढ़े-लिखे शिक्षित लोगों की तुलना में आदिवासियों में प्रकृति और संस्कृति को लेकर कहीं ज्यादा सजगता होने की बात कही थी। वे स्वंय व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने प्रयासों में निरंतर लगे रहते थे। रामदास द्रौपदी फाउंडेनशन के तहत स्थापित एक नर्सरी से हर साल हजारों की तादाद में पौधों का नि:शुल्क वितरण किया जाता था यह उनके व्यक्तित्व में पर्यावरण के प्रति उनके सर्मपण भाव को व्यक्त करता है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शुरूवाती लॉक डाऊन के दौरान जब क्वांरटाईन सेंटर में रह रहे लोगों के लिये भोजन उपलब्ध कराना एक बड़ी समस्या बनती जा रही थी तब स्व.रामदास अग्रवाल के निर्देशन में ऐसे लोगों के लिये भोजन की जैसी व्यवस्था की जा रही थी उसकी सराहना हर कोई कर रहा था।
उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत पीड़ा हुई है। मैं उनके आत्मा की शांति तथा उनके शोक संतप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ। मुझे आशा ही नहीं विश्वास है कि स्व.रामदास के सभी पुत्र जो हर मायनों में सुयोग्य है। पर्यावरण और समाजसेवा के क्षेत्र में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते रहेंगे।

