पत्थलगांव. सिविल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने कोविड मरीज की होम आइसोलेशन मे देखरेख के नाम पर फीस की मांग कर दी। मरीज ने इस बात की शिकायत जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अलावा ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारी से मौखिक रूप से की है। पीड़ित की शिकायत के बाद सीएमएचओ ने डॉक्टर के रवैये को गलत बताते हुए कार्रवाई की बात कही है। दो दिन पहले कोयला फैक्ट्री गली मे एक ही परिवार के छः लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। एक बुजुर्ग को बाहर रिफर करने के बाद मामूली लक्षण वाले सभी पांच मरीजों को होम आइसोलेशन की इजाजत मिलर। सोमवार को उसी परिवार के एक व्यक्ति ने जब कोविड-19 का फार्म लेकर होम आइसोलेशन में देखरेख के लिए सिविल हॉस्पिटल मे पदस्थ डॉ.आर निषाद से संपर्क किया तो उन्होंने पांच व्यक्तियों के हिसाब से मरीज के परिजन से 500 रुपए प्रतिदिन फीस देने की मांग की। मरीज ने उनसे यह रुपए सरकारी गाइडलाइन मे सम्मिलित होने की बात पूछी तो डॉक्टर ने उन्हें उक्त रुपए अपने काम के लेने का हवाला दिया। जब मरीज के परिजन ने और जानकारी लेनी चाही तो डॉक्टर ने उनके फार्म मे हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। अंत मे मरीज का परिजन फार्म लेकर ब्लाक चिकित्सा अधिकारी के पास पहुंचा तो उन्होंने किसी प्रकार की फीस की बात ना कहकर देख-रेख के लिए स्वयं का नाम ही लिखकर फार्म मे हस्ताक्षर कर दिए।
कार्रवाई का आश्वासन
इस संबंध मे जब सीएमएचओ डॉ.पी सुथार ने बताया कि कोविड-19 के मरीज की देखरेख के नाम पर शासन की गाइडलाइन में किसी प्रकार की कोई फीस सम्मिलित नहीं की गई है। होम आइसोलेशन में मरीज की देखरेख के नाम पर डॉक्टर द्वारा फीस नहीं मांगी जा सकती। उन्होंने इस मामले की जांच कराकर मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही। उनके अलावा ब्लाक चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेम्स मिंज ने भी फीस वसूली के मामले को गलत बताकर जांच कराने का आश्वासन दिया है।
साभार: दैनिक भास्कर

