सचिव ने मजदूरों की व्यवस्था में 14 लाख और पौधरोपण में ढ़ाई लाख खर्च बताया
अकलतरा. ग्राम पंचायत किरारी के सचिव मो. इलाही द्वारा 14वें वित्त एवं 15 वित्त आयोग के आय-व्यय का हिसाब नहीं देने पर शिकायत आला अधिकारियों से की गई तो मामले की जांच के लिए सहायक संचालक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम सोमवार को जांच करने पहुंची। सचिव ने जो हिसाब बताया उससे ग्रामीण सहमत नहीं हुए और हंगामा करने लगे। हंगामा इतना बढ़ा कि टीम को बिना जांच किए ही लौटना पड़ा। पंचायत के सचिव पर सरकारी राशि के दुरूपयोग की शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच करने के लिए जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने सहायक संचालक दिग्विजय दास महंत को जांच अधिकारी, सत्यव्रत तिवारी, सीईओ एवं उपअभियंता मनरेगा सुधाकर साहू को सदस्य नियुक्त किया था जो सोमवार को जांच करने गांव पहुंची।
खर्च बताया पर नहीं दिखा पाया बिल तो हुआ हंगामा
सचिव ने पैसा खर्च करने का हिसाब तो बता दिया, लेकिन ग्रामीणों ने सामानों का बिल एवं अन्य जानकारी मांगी तो सचिव द्वारा जानकारी देने से मना कर दिया गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने पंचायत भवन मे हंगामा शुरू कर दिया। जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों द्वारा हंगामा को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा बढ़ने एवं शांत नहीं होने पर जांच टीम मे आए अधिकारी वापस लौट गए।
बिना प्रस्ताव व अनुमोदन के खर्च करने का आरोप
ग्राम के उप सरपंच राजेन्द्र साहू, पंच अशोक कुमार एवं राजू साहू ने बताया कि पंचायत सचिव द्वारा ग्राम पंचायत मे बिना बैठक एवं अनुमोदन के 38 लाख रुपए निकाल लिए हैं। सचिव से खर्च के संबंध मे जानकारी एवं बिल मांगने पर जानकारी नहीं दी गई।
सचिव ने बताया ये खर्च
उप सरपंच राजेन्द्र साहू एवं पंच अशोक कुमार द्वारा पूछने पर सचिव ने बताया कि अप्रैल 2020 में 7 लाख रुपए का भुगतान प्रमोद कुमार दुबे, क्वारेंटाइन सेंटर में रुके मजदूरों के लिए 14 लाख रुपए का किराना सामान, गोठान में पौधरोपण के लिए राजा नर्सरी बिलासपुर को 2.50 लाख रुपए का भुगतान किया है। क्वारेंटाइन सेंटर मे टेंट व्यवस्था के लिए राजेन्द्र जगत को 5 लाख 9 हजार 13 सौ 13 रुपए का भुगतान किया गया। गांव के पेंटर अमरदास महंत को 26 हजार रुपए एवं अन्य व्यय के नाम पर 38 लाख रुपए का खर्च बताया।
मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया
“जांच टीम को मेरे द्वारा आय-व्यय का हिसाब दिया जा रहा था। उप सरपंच एवं पंचों द्वारा हंगामा करने के साथ मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया है। कुछ लोगों द्वारा देख लेने की धमकी दी गई है। मैंने थाना में लिखित में सूचना दी है।”
-मो. इलाही, सचिव, ग्रापं किरारी
हंगमा होने पर नहीं हो सकी जांच, उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा
“ग्राम किरारी मे पंचायत सचिव के खिलाफ जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर जांच टीम पहुंची थी। ग्राम पंचायत भवन मे हंगामा बढ़ने पर जांच नहीं हो सकी। इस संबंध मे उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।”
-दिग्विजय दास महंत, सहायक संचालक पंचायत (जांच अधिकारी)
साभार: दैनिक भास्कर

